Bharat Express DD Free Dish

Supreme Court

बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस पी. वी. वराले की पीठ ने सोनम को गवाहों के बयान दर्ज होने तक सरेंडर करने का सुझाव दिया है.

सुप्रीम कोर्ट में सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस श्री चंद्रशेखर ने खुद को मामले से अलग कर लिया. अब इस मामले की सुनवाई नई बेंच करेगी.

देशभर में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं को रोकने और दोषियों पर नकेल कसने के लिए सुप्रीम कोर्ट में वकील अश्विनी उपाध्याय ने जनहित याचिका दाखिल की है. इसमें एक समान SIP बनाने और मास्टरमाइंड्स की बेनामी संपत्ति जब्त करने की मांग की गई है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट दो सप्ताह बाद सुनवाई करेगा.

यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट 30 जुलाई को सुनवाई करेगा. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने एम्स को आसाराम की मेडिकल जांच के लिए बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है.

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सीजेआई सूर्यकांत को भेजी गई पत्र याचिका में पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग की स्वतंत्र न्यायिक जांच, सीसीटीवी/ड्रोन फुटेज सुरक्षित रखने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की अपील की गई है.

Delhi Riots Case: दिल्ली दंगा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने देवांगना कलिता को दस्तावेज और वीडियो रिकॉर्डिंग देखने की अनुमति देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है.

Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में अनवर ढेबर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 3 अगस्त को सुनवाई करेगा. जांच एजेंसी ने दो सप्ताह में चार्जशीट दाखिल करने की बात कही.

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर की जीवन रक्षक दवाओं की आसान उपलब्धता और जीवन बचाने वाले इलाज से जुड़े मामलों में देरी को लेकर स्वतः संज्ञान लिया है.

यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से उनकी मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर जवाब देने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की महिला वकीलों के लिए अदालतों में बुनियादी सुविधाओं, शौचालय और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों के एडवोकेट जनरल को दो सप्ताह के भीतर वास्तविक स्थिति की जांच करने का निर्देश दिया है.