विज्ञान, तर्क और संस्कृति का अनूठा संगम; जानिए अभिजीत सिंह की नई किताब ‘अमृत कुम्भ’ युवाओं के बीच चर्चा में क्यों है?
एक वैज्ञानिक और स्कूली बच्चों के संवाद के जरिए ‘अमृत कुम्भ: हिन्दू भाव का मंगल कलश’ धर्म, संस्कृति और राष्ट्रबोध से जुड़े सवालों को आसान भाषा में सामने लाती है. अभिजीत सिंह की यह पुस्तक नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ आस्था और तर्क के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है.
डूबने से बचा था परिवार और फुटबॉल-टैंगो का शौक, जानिए कैसी है पोप फ्रांसिस की नई आत्मकथा?
पोप फ्रांसिस की आत्मकथा ‘आशाओं की एक विरासत’ उनके जीवन के साथ-साथ उनके विचारों और मानवीय सरोकारों को भी सामने लाती है.
जब आसमान में गूंजा पहली बार जेट इंजन का शोर, जानिए दुनिया के पहले जेट विमान की रोमांचक कहानी
27 अगस्त 1939 को जर्मनी के रोस्टॉक एयरफील्ड में हेइंकेल एचई-178 ने दुनिया के पहले जेट विमान के रूप में इतिहास रचा है.
बाबू जगत सिंह: सारनाथ को इतिहास में वापस लाने वाला भारतीय; और वो वंशज जिसने उनका नाम दोबारा दर्ज कराया
सारनाथ के गौरवशाली इतिहास, सम्राट अशोक के सिंह चतुर्मुख स्तंभ और भारत के राष्ट्र चिह्न की जब भी बात होती है, तो ब्रिटिश पुरातत्वविदों के नाम प्रमुखता से सामने आते रहे हैं. लेकिन 200 से अधिक वर्षों तक गुमनाम रहे उस भारतीय - बाबू जगत सिंह - का नाम आखिरकार आधिकारिक इतिहास का हिस्सा बन गया है, जिन्होंने 18वीं सदी में पहली बार सारनाथ के पुरातात्विक महत्व को उजागर किया था. जानिए कैसे उनके वंशज प्रदीप नारायण सिंह के वर्षों के शोध और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के ऐतिहासिक फैसले ने इतिहास के इस सबसे बड़े अन्याय को सुधारा और भारत के नाम एक गौरवशाली पन्ना जोड़ा.
मां की तलाश से शुरू हुआ सफर… जानिए कैसे ब्रज का एक बालक बना दुनिया भर के दिग्गजों का आध्यात्मिक मार्गदर्शक
‘हनुमान अंश’ संत नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा और उनके जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को पर्दे पर उतारने वाली फिल्म है.
एक पन्ने से बदली दुनिया! जानिए क्यों खास है ‘इंटरनॉट डे’ और कैसे हुई थी इंटरनेट की शुरुआत?
आज इंटरनेट पर इतनी वेबसाइटें हैं कि उनकी गिनती करना लगभग असंभव है. लेकिन तीन दशक पहले स्थिति बिल्कुल अलग थी. इंटरनेट के इतिहास में 23 अगस्त का दिन बेहद खास है.
जानिए कौन थीं वो महिला वैज्ञानिक, जिन्होंने बदल दी देश के मौसम विज्ञान की तकदीर
भारत की ‘वेदर वुमन’ अन्ना मणि ने मौसम विज्ञान को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई. मौसम उपकरणों के स्वदेशी निर्माण से लेकर सौर विकिरण, पवन ऊर्जा और ओजोन परत के अध्ययन तक, उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है.
विदेश की धरती पर जब गूंजा ‘वंदे मातरम’, जानिए कौन थीं मैडम भीकाजी कामा और क्यों खास है 22 अगस्त?
मैडम भीकाजी कामा ने 22 अगस्त 1907 को जर्मनी के स्टटगार्ट में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन के दौरान भारतीय झंडा फहराकर दुनिया के सामने भारत की आजादी की आवाज बुलंद की.
कारोबार या सही फैसला? बदलाव के दौर से गुजर रहे टाटा समूह के सामने क्या हैं असली इम्तिहान
टाटा समूह आज नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की रणनीति को लेकर एक अहम दौर से गुजर रहा है. ऐसे समय में हरीश भट की किताब “डूइंग द राइट थिंग: लर्निंग्स फ्रॉम रतन टाटा” रतन टाटा की नेतृत्व शैली और उनके मूल्यों को समझने का एक महत्वपूर्ण नजरिया देती है.
एक फोन कॉल और 3 बड़ी चूकें… जानिए क्यों आज भी सिहरा देती है 1995 की वह रात?
20 अगस्त 1995 की रात फिरोजाबाद में एक नीलगाय से टकराने के बाद कालिंदी एक्सप्रेस ट्रैक पर रुक गई. कुछ ही देर बाद गलत सूचना के चलते उसी ट्रैक पर तेज रफ्तार पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई.







