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JNU के स्टूडेंट रहे उमर खालिद की जमानत पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा, दिल्ली दंगा मामले में हुई थी गिरफ्तारी

उमर खालिद वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे बड़ी साजिश के मामले में आरोपी है. उस पर कठोर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

Umar Khalid bail plea

उमर खालिद कट्टर इस्लामिक विचाराधारा से प्रेरित था

Umar Khalid Bail: दिल्ली दंगे के एक मामले में अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका पर अपना फैसला 28 मई के लिए सुरक्षित रख लिया है. उमर खालिद पिछले कई सालों से जेल में है.

वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद आरोपी है. उस पर कठोर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस के मुताबिक, वह सितंबर 2020 से जेल में है. खालिद की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने कहा कि आदेश 28 मई को सुनाया जाएगा.

अदालत में विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने खालिद की याचिका के खिलाफ अपनी लिखित दलीलें पेश की थी. इससे पहले प्रसाद ने खालिद को जमानत देने के खिलाफ दलील देते हुए कहा था कि उसकी व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि उसे जमानत की सुनवाई को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया पर कहानी गढने की आदत थी. खालिद के वकील ने इस तर्क का विरोध करते हुए पूछा कि क्या व्हाट्सऐप संदेश साझा करना एक आपराधिक या आतंकवादी कृत्य है.

— भारत एक्सप्रेस

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