Assembly Election Results 2023

‘2024 में BJP हारी तो भारतीय बाजार में मच जाएगा कोहराम…’, Jefferies ने कहा- मोदी सरकार ने किए हैं कई तरह के रिफॉर्म्स

2024 के लोकसभा चुनाव में कुछ ही महीने बाकी हैं. 9 साल से ज्यादा समय से सत्ता पर काबिज मोदी सरकार की अगुवाई में NDA एक बार फिर ताल ठोक रहा है. अभी इंटरनेशन ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies LLC) की ओर से एक चौंकाने वाली बात कही गई है.

PM Modi Sports

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Lok Sabha elections 2024 : लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर सियासी दलों में दौड़-धूप शुरू हो गई है. मार्च-अप्रैल महीने में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हो सकता है. नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 9 साल पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) जीत दर्ज कर केंद्र में सत्ता पर काबिज हुई थी. यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा है, और नरेंद्र मोदी अब तीसरे कार्यकाल के लिए ताल ठोक रहे हैं. हालांकि, इस बार का चुनावी मुकाबला दिलचस्‍प लग रहा है, क्‍योंकि मुख्‍य विपक्षी दल कांग्रेस एक नए गठबंधन I.N.D.I.A के सहारे अपनी दावेदारी पेश कर रही है.

2024 में किसकी सरकार बनेगी, यह तो चुनावों बाद ही पता चलेगा, लेकिन उससे पहले इंटरनेशन ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies LLC) की ओर से एक बड़ा दावा किया गया है. जेफरीज की मानें तो 2024 में अगर मोदी की अगुवाई वाले NDA गठबंधन की हार हुई तो शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है. तब स्टॉक मार्केट 25% तक लुढ़क सकता है. अगर वास्‍तव में ऐसा हुआ तो भारतीय बाजार में कोहराम मच जाएगा.

भारतीय शेयर बाजार 25% तक लुढ़क सकता है

जेफरीज में इक्विटी स्ट्रैटेजी के ग्लोबल हेड क्रिस वुड (Chris Wood) कहते हैं कि मोदी सरकार की सत्‍ता में वापसी होनी चाहिए, अगर नरेंद्र मोदी की पार्टी सत्ता में नहीं आई तो भारतीय शेयर बाजार गिर सकता है. उन्‍होंने कहा कि 2004 की तरह भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं होती है तो भारतीय शेयर बाजार 25% तक लुढ़क सकता है. क्रिस वुड का कहना है कि पीएम मोदी की सरकार ने ग्लोबल सप्लाई चेन को आकर्षित करने के लिए कई तरह के रिफॉर्म्स किए हैं.

2004 में शेयर बाजार में आई थी 20% गिरावट

बिजनेस स्टैंडर्ड के एक इवेंट में क्रिस वुड ने यह बयान दिया. जहां उन्‍होंने कहा कि 2024 में अगर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले NDA गठबंधन की हार हुई तो शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है. मालूम हो कि वर्ष 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली NDA सरकार को हार का सामना करना पड़ा था. उस हार के बाद भारतीय शेयर बाजार में अगले 2 दिनों के दौरान 20% की गिरावट देखने को मिली थी.

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2014 में कांग्रेस की सबसे बड़ी हार हुई थी

नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में कांग्रेस को करारी शिकस्‍त दी थी. कांग्रेस को मात्र 44 लोकसभा सीटें ही मिल पाई थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 282 सीटों पर जीत दर्ज की. उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने और बड़ी जीत दर्ज की. भाजपा को 303 सीटें मिलीं और कांग्रेस 52 सीटें जीती.

— भारत एक्सप्रेस

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