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मोदी सरकार ने बदला आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नाम, अब इन्हें ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ कहेंगे

Ayushman Arogya Mandir: आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नाम बदलकर अब ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ रखा जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में आज जानकारी दी. इसके लिए मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजा है.

Pm Modi

पीएम मोदी (फोटो फाइल)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Ayushman Arogya Mandir: केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नाम बदलकर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ रखा है. आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र भेजा.

न्यूज एजेंसी ANI ने बताया कि रविवार, 26 नवंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नाम बदलने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र भेजा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ट्विटर हैंडिल पर आयुष्मान कार्ड को लेकर ट्वीट किया गया. जिसमें कहा गया कि आयुष्मान कार्ड का मतलब है- लोगों के मुफ्त इलाज की गारंटी!

₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज करवाएगी ये योजना

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा— “आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना #PMJAY के तहत हर आयुष्मान कार्ड धारक, देशभर के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज करवा सकता है. इस योजना में अपनी पात्रता जानने के लिए 14555 पर कॉल करें.”

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आयुष्मान भारत योजना क्या है?

इस योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार द्वारा वित्‍त बजट—2018 के समय की गई थी. इस योजना के दो मुख्‍य स्‍तंभ हैं, देश में एक लाख हेल्‍थ एण्‍ड वेलनेस सेंटर्स स्‍थापित करना एवं 10 करोड़ परिवारों को रूपये 5.00 लाख प्रतिवर्ष के स्‍वास्‍थ्‍य बीमा कवच से जोड़ना. इस योजना में सामाजिक, आर्थिक जाति जनगणना(SECC) में चिन्हित D-1 से D-7(D-6 को छोड़कर) वंचित श्रेणी के ग्रामीण परिवार सम्मिलित होंगे एवं चिन्हित व्‍यवसाय-आधारित शहरी परिवार सम्मिलित रहेंगे. साथ ही कुछ श्रेणियों के परिवार स्‍वत: ही समावेशित रहेंगे.

आयुष्‍मान भारत मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन के तहत् सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना (SECC) में चिन्‍हाकिंत लाभार्थियों के अतिरिक्‍त, म.प्र. शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया कि खाद्य सुरक्षा में प्रदाय पात्रता पर्ची एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी शामिल किया जाए. इस योजना में अन्‍य योजनाओं के हितग्राहियों या समाज के अन्‍य वर्गों को भी शामिल किये जाने पर विचार किया जा रहा है.

— भारत एक्सप्रेस



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