Bharat Express DD Free Dish

Sri Lanka ने की PAK जैसी हिमाकत, समंदर से 37 भारतीय मछुआरों को कैद कर ले गई श्रीलंकाई नौसेना, नौकाएं भी जब्‍त

श्रीलंकाई नौसेना द्वारा 37 भारतीय मछुआरों को पकड़े जाने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा है. पत्र में मांग की गई है कि सभी मछुआरों और नौकाओं को रिहा कराने के लिए सरकार शीघ्र कदम उठाए.

indian fishermen in sri lanka

श्रीलंका की नौसेना अक्सर भारतीय मछुआरों को पकड़कर ले जाती है.

Indian fishermen In Sri lanka: भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्‍तान और श्रीलंका के सैनिक अक्‍सर भारतीय मछुआरों को कैद कर ले जाते हैं. बीते रोज रात को श्रीलंकाई नौसेना ने समुद्र में मछली पकड़ने वाले तमिलनाडु के 37 मछुआरों को अगवा कर लिया. उन मछुआरों की सभी नौकाओं को भी जब्‍त कर लिया गया.

श्रीलंकाई नौसेना की इस हिमाकत पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र सरकार से संज्ञान लेने का अनुरोध किया है. स्टालिन ने इस बाबत विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा है, जिसमें उन्‍होंने कहा है कि श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पकड़े गए सभी मछुआरों और नौकाओं को रिहा कराने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाए. स्‍टालिन के मुताबिक, इस महीने, श्रीलंकाई नौसेना ने राज्य की 10 नौकाओं को जब्त किया और 64 मछुआरों को पकड़ा है.

इस महीने 64 मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने पकड़ा

न्‍यूज एजेंसी ANI के अनुसार, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 28 अक्टूबर को गिरफ्तार किये गए 37 मछुआरों के बारे में विदेश मंत्री को अवगत कराया. उन्होंने पत्र में लिखा, “इन गिरफ्तारियों और नौकाओं की ज़ब्ती को रोकने की हमारी लगातार मांग के बावजूद ये लगातार जारी है. मैं तमिलनाडु के लोगों की ओर से इसे रोकने के लिए बिना किसी देरी के तुरंत ठोस राजनयिक पहल शुरू करने का अनुरोध करता हूं.”

यह भी पढ़िए: कराची में भारतीय कैदी की मौत, पाकिस्तान 12 मई को 199 भारतीय मछुआरों को रिहा करेगा, लेकिन अभी सैकड़ों को जेल में बंद कर रखा है

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने लिखा केंद्र सरकार को पत्र

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे गए पत्र में कहा,’जैसा कि आप जानते हैं हमारे मछुआरे आजीविका के लिए मछली पकड़ने पर निर्भर हैं और इनकी लगातार गिरफ्तारियों से मछुआरा समुदाय को भारी परेशानी और कष्ट हो रहा है. श्रीलंकाई नौसेना के ऐसे कृत्यों ने हमारे मछुआरों के मन में दहशत पैदा कर दी है. हमें मछुआरों के अधिकारों के लिए मुखर होना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए आगे आना चाहिए.’

— भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read