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Ayodhya Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान शुरू, देश के 5 लाख से ज्‍यादा गांवों में भेजे जाएंगे पूजे गए अक्षत

UP News:प्रत्येक व्यक्ति धातु के घड़े में 5.25 किलोग्राम पवित्र अक्षत अपने साथ ले जाएगा. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने देश को 45 प्रांतों में विभाजित किया है.

रामलला

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Ayodhya Ram Mandir: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दिवाली पर्व से पूर्व रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव शुरू हो गया है. एक और जहां राम मंदिर निर्माण कार्य के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रमों को लेकर अक्षत पूजन भी हो रहा है. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से अभी बताया गया है कि उसके कार्यकर्ता और पदाधिकारी देश भर के पांच लाख मंदिरों में अक्षत को वितरित करेंगे. इसके लिए रविवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में ‘अक्षत’ एकत्र करेंगे. विहिप के मुताबिक, 100 स्वयंसेवक और पदाधिकारी देश भर के 45 प्रांतों (क्षेत्रों) से पवित्र चावल इकट्ठा करने के लिए अयोध्या पहुंच चुके हैं. उन्‍होंने रविवार की दोपहर को आयोजित हुए कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया.

100 क्विंटल साबुत चावल की पूजा का आयोजन

संवाददाता ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में किया गया. जहां रामलला के दरबार में हल्दी और देसी घी के साथ ही करीब 100 क्विंटल साबुत चावल की पूजा के साथ ही अक्षत पूजा का आयोजन किया गया. इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे. एक पुजारी ने बताया कि राम जन्मभूमि पर रामलला को चढ़ाया गया चावल (अक्षत) वीएचपी के स्वयंसेवकों को सौंपा जाएगा.

Ram Mandir

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आम जनता तक ऐसे पहुंचाए जाएंगे पूजत अक्षत

बताया जा रहा है कि प्रत्येक व्यक्ति धातु के घड़े में 5.25 किलोग्राम पवित्र अक्षत अपने साथ ले जाएगा. इस सम्बंध में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने देश को 45 प्रांतों में विभाजित किया है और प्रत्येक प्रांत से कम से कम दो स्वयंसेवक अयोध्या पहुंचे हैं. सनातन धर्म व अवध की परम्परा के मुताबिक, किसी भी शुभ कार्य में किसी को शामिल करने के लिए निमंत्रण देने के लिए अक्षत (साबुत चावल, हल्दी, कुमकुम में रंगकर) भेंट करने को शुभ माना जाता है. इसीलिए जनवरी 2024 में राम लला के होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अतिथियों से लेकर आम जनता तक ये अक्षत पहुंचाए जाएंगे.

एक जनवरी से किया जायेगा अक्षत का वितरण

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि वैदिक अनुष्ठान के बाद एक जनवरी से अक्षत का वितरण किया जायेगा. इस सम्बंध में विहिप के क्षेत्रीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि, विहिप के करीब 100 स्वयंसेवक और पदाधिकारी अयोध्या पहुंचे हैं और प्रत्येक को 5.25 किलोग्राम अक्षत सौंपे जाएंगे. बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस बात की पहले ही जानकारी दे चुका है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा दिवस पर देश भर के पांच लाख से अधिक मंदिरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के आमंत्रण के लिए पूजित अक्षत 5 नवंबर को देश भर के 45 प्रांतों से अयोध्या धाम पधारे कार्यकर्ताओं को समर्पित किये जायेंगे.

यात्री सुविधा केंद्र की रखी गई आधारशिला

बता दें कि शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यात्री सुविधा केंद्र की आधारशिला रखी, जो जन्मभूमि पथ के साथ 3,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनेगा. इसका शिलान्यास चंपत राय के साथ ही निर्मोही अखाड़े के महंत धीरेंद्र दास ने किया. मालूम हो कि 22 जनवरी 2024 को मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है. पीएम मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण स्वीकार कर चुके हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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