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Raksha Bandhan 2023: रक्षाबंधन पर लखनऊ के बाजारों में बढ़ी रौनक, ‘श्रीराम मंदिर’ वाली राखी की डिमांड, जमकर हो रही खरीदारी

Rakhi on Ram Mandir: भाई-बहन का रिश्ता प्रेम और विश्वास की डोर से बना हुआ है. भाई छोटा हो या बड़ा, भले ही वो जाहिर ना करें लेकिन अंदर ही अंदर वह अपनी बहन की परवाह जरूर करता है.

राम मंदिर वाली राखी

Rahul Singh Edited by Rahul Singh

Ram mandir Rakhi: रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर लखनऊ के बाजारों में काफी चहल-पहल और रौनक देखने को मिल रही है, भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है. वैसे-वैसे बाजारों की रौनक बढ़ती जा रही है, फुटपाथ रंग-बिरंगी राखियों से सज गए हैं, हर ओर रक्षाबंधन की धुन बज रही है. ऐसे में एक खास राखी देखने को मिली रही है, जिसमें अयोध्या राम मंदिर की राखियों की बाजार में लोगों की सबसे ज्यादा मांग है.

आजादी के 77 साल पूरे होने की खुशी में मनाए जा रहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का असर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है, हर घर तिरंगा अभियान की अपील के बाद इस साल बाजारों में राखियों की दुकान पर भी तिरंगे की राखियां दिखाई दे रही हैं. तिरंगे के अलावा मोदी-शाह के चेहरे वाली राखियों की भी बाजार में काफी डिमांड है. अखंड भारत, एक भारत का संदेश दे रहीं इन राखियों को लोग हाथों-हाथ ले रहे हैं.

भाई-बहन का रिश्ता प्रेम और विश्वास की डोर से बना हुआ है. भाई छोटा हो या बड़ा, भले ही वो जाहिर ना करें लेकिन अंदर ही अंदर वह अपनी बहन की परवाह जरूर करता है. रक्षाबंधन आने से पहले गिफ्ट को लेकर दुविधा में रहने वाले नए युवक के भाई अब गिफ्ट में बहनों की फिक्र दिखा रहे हैं. किसी ने बहन को कार सीखने का वादा कर रखा है तो कोई स्मार्टवॉच के जरिए बहन की सेहत दुरुस्त करने के प्रयास में है, हालांकि रिश्ते सिर्फ गिफ्ट से नहीं बल्कि साथ निभाना से चलते हैं. प्यार का पर्व हमें यह भी समझता है कि दिल की दीवारों को सजाने के लिए किसी तोहफे की जरूरत नहीं, यह बस प्यार अपनापन विश्वास की रंगों से भी खूबसूरत बनती है.

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दो दिन राखी बांधने का मौका

इस बार रक्षाबंधन का त्योहार दो दिन मनाया जाएगा वैसे तो रक्षाबंधन हर साल सावन माह के आखिरी दिन यानी श्रावणी पूर्णिमा को ही मनाया जाता है, ज्योतिषचार्यो के अनुसार 30 अगस्त को सुबह पूर्णिमा तिथि लगते ही भद्र भी शुरू हो जाएगी, जो रात 9 बजे तक रहेगी, भद्रा का समय रक्षाबंधन के लिए उचित नहीं माना जाता है, कुछ लोग रात में रक्षाबंधन नहीं करते हैं, वह उदया व्यापिनी तिथि अनुसार 31 को रक्षाबंधन मनाएंगे, इसी कारण से रक्षाबंधन दो दिन मनाया जाएगा.

– भारत एक्सप्रेस



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