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Chhattisgarh liquor scam case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी अरुण पति त्रिपाठी की एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट 5 फरवरी को सुनवाई करेगा। मामले में ईडी के हलफनामे पर आपत्ति जताते हुए एएसजी ने विभागीय जांच की मांग की है.

ED ने यूनिटेक के पूर्व प्रमोटरों को जमानत देने के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, और अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 मार्च की तारीख तय की.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने श्रीनगर में "इमोलिएंट कॉइन" क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से जुड़ी 3.66 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया.

मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. VSV Co Operative Bank में फर्जी लोन खातों के माध्यम से जनता के पैसे की हेराफेरी की जा रही थी. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विपिन तिवारी, रामबाबू शांडिल्य, नितिन मेहरा और संदीप सिंह शामिल है.

जमानत पर सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील विवेक गुरनानी ने कहा था कि ढल पर आरोप है कि उन्होंने हिरासत के दौरान गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की.

80 और 90 के दशक में इकबाल मिर्ची दाऊद इब्राहिम के साथ मिलकर ड्रग्स और अन्य सामानों की तस्करी करता था.

ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी जांच में रायपुर, धमतरी और सुकमा में सात परिसरों पर छापेमारी की, जिसमें अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद हुए हैं.

यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई. इस तलाशी के दौरान ईडी ने विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति, और नकदी बरामद की, जिनकी कुल कीमत करोड़ों में है.

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 25,000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार एमटेक के प्रमोटर अरविंद धाम की न्यायिक हिरासत की अवधि 7 जनवरी तक बढ़ा दी है.

ED raids in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी एक बड़ा कदम है, जो भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को समाप्त करने के लिए चल रही है.